जिन्दगी में भूल कर न पाप कर।

जिन्दगी में भूल कर न पाप कर।

हर घड़ी परमात्मा का जाप कर।।

जिन्दगी में .............. ।।

भक्ति-शक्ति-मुक्ति मिलती मोल न-2।

जितना भी करना है अपने आप कर-2।।

हर घड़ी परमात्मा का .............. ।।

भूल से हो जाये कोई पाप तो-2।

बैठ कर कुछ काल पश्चाताप कर-2।।

हर घड़ी परमात्मा का .............. ।

आयेगा परमात्मा तुझको नकभी ध्नवान् है इतना,

कभी इंसान निर्धन है।

कभी सुख है कभी दुःख है,

इसी का नाम जीवन है।।

जो मुश्किल में न घबराये उसे इंसान कहते हैं।

किसी के काम जो आये उसे ............. ।।

अगर गलती रुलाती है तो वह राह भी दिखाती है।

बशर गलती का पुतला है ये अकसर हो ही जाती है।।

जो गलती कर के पछताये, उसे इंसान कहते है।

किसी के काम जो आये उसे ............. ।।

अकेले ही जो खा-खा कर सदा गुज़रान करते हैं।

यूँ भरने को तो दुनियाँ में पशु भी पेट भरते है -2।।

‘पथिक’ जो बाँट कर खाये, उसे इंसान कहते हैं।

किसी के काम जो आये उसे ............. ।। जर-2।

आईना दिल का तू पहले सापफ कर-2।।

हर घड़ी परमात्मा का ............. ।।

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