नैतिकता की सुर सरिता में

नैतिकता के सुर सरिता में जन जन- मन पावन हो

संयममय जीवन हो... ...संयममय जीवन हो

अपने से अपना अनुशासन अणुव्रत की परिभाषा

वर्ण जातिऔर संप्रदाय से मुक्त धर्म की भाषा

छोटे-२  संकल्पों से मानस परिवर्तन हो

संयममय जीवन हो....... संयममय जीवन हो

विद्यार्थी या शिक्षक हो मजदूर और व्यापारी

नर हो नारी बने नीतिमय जीवनचर्या सारी

कथनी- करनी की समानता ये गतिशील चरण हो

संयममय जीवन हो.....संयममय जीवन हो

प्रभु बनकर की हम प्रभु की पूजा कर सकते है

प्रामाणिक बनकर ही संकट सागर तर सकते है

आज अहिंसा शौर्य वीर संयुक्त जीवन दर्शन हो

संयममय जीवन  हो........संयममय जीवन  हो

सुधरे व्यक्ति समाज व्यक्ति से राष्ट्र स्वयं सुधरेगा

तुलसी अणुव्रत सिंहनाद सारे जग में प्रसरेगा

मानवीय आचार संहिता यह अर्पित तन-मन हो

संयममय जीवन  हो -- संयममय जीवन  हो

 

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