हम सब मिलके दाता आये तेरे दरबार।

हम सब मिलके दाता आये तेरे दरबार।

भर दे झोली सबकी तेरे पूरण भण्डार।।

हम सब मिलके दाता ............. ।।

होवे जब संध्याकाल निर्मल होकर तत्काल-2।

अपना मस्तक झुकाके करते तेरा ही खयाल -2।

तेरे दर पे आके बैठे सारा परिवार।

भर दे झोली सबकी तेरे ............. ।।

चाहे दिन हो विपरीत, होवे तुझसे ही प्रीत-2।।

सच्ची श्रद्धा से गावें तेरी भक्ति के गीत-2।।

होवे सबका प्रभु जी तेरे चरणों में प्यार।

भर दे झोली सबकी तेरे ................ ।।

तू है सब जग का वाली, करता जग की रखवाली।

हम है रंग-रंग के पौधे, तू है हम सबका माली।।

‘पथिक’ बगीचा है ये तेरा सुन्दर संसार।

भर दे झोली सबकी तेरे ................ ।।

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