हम सब मिलके दाता आये तेरे दरबार।

हम सब मिलके दाता आये तेरे दरबार। भर दे झोली सबकी तेरे पूरण भण्डार।। हम सब मिलके दाता …………. ।। होवे जब संध्याकाल निर्मल होकर तत्काल-2। अपना मस्तक झुकाके करते तेरा ही खयाल -2। तेरे दर पे आके बैठे सारा परिवार। भर दे झोली सबकी तेरे …………. ।। चाहे दिन हो विपरीत, होवे तुझसे ही…

जिन्दगी में भूल कर न पाप कर।

जिन्दगी में भूल कर न पाप कर। हर घड़ी परमात्मा का जाप कर।। जिन्दगी में ………….. ।। भक्ति-शक्ति-मुक्ति मिलती मोल न-2। जितना भी करना है अपने आप कर-2।। हर घड़ी परमात्मा का ………….. ।। भूल से हो जाये कोई पाप तो-2। बैठ कर कुछ काल पश्चाताप कर-2।। हर घड़ी परमात्मा का ………….. । आयेगा परमात्मा…

आसरा इस जहाँ का मिले ना मिले।

आसरा इस जहाँ का मिले ना मिले। ईश तेरा सहारा सदा चाहिए।। चाँद-तारे पफलक पर दिखे न दिखे। मुझको तेरा नजारा सदा चाहिए।। आसरा इस जहाँ का ………. ।। जग में खुशियाँ है कम और ज्यादा हैं गम। जहाँ देखो वहाँ पर भरम ही भरम।। मेरी महपिफल में शम्मां जले ना जले। मुझको तेरा उजाला…

यदि प्रभु का भजन नहीं गाओगे रे प्यारे

यदि प्रभु का भजन नहीं गाओगे रे प्यारे। अन्त समय पछताओगे रे प्यारे।। यदि प्रभु का भजन ……………. ।। जग में रहकर जग को भुलाना। पर प्रभु को मत भूल जाना।। तुम जैसा करोगे वैसा पाओगे रे प्यारे। अन्त समय ………….. ।। तुझको क्या है खबर, जिन्दगी तेरी कितने पल की है ।। अभी कर…

पी ले पी ले पी ले, प्राणी ओम् नाम का प्याला

पी ले पी ले पी ले, प्राणी ओम् नाम का प्याला। इसको पीकर और पिलाकर हो जा तू मतवाला।। बोलो ओम्, बोलो बोलो ओम्-2 पी ले, पी ले प्राणी ………………….. ।।

ऐसे इस संसार को जीतो।

ऐसे इस संसार को जीतो। काम बली जीतो संयम से।। क्रोध् को दया विचार से जीतो। ऐसे इस संसार ………. ।। कड़वे को कड़वा मत बोलो-2 जहर के बदले अमृत घोलो-2 बदगुमाँ मगरूर को अपने-2 मध्ुर-मध्ुर व्यवहार से जीतो। ऐसे इस संसार ………. ।। जीतो जुल्म सहन शक्ति से-2 बदी हारती है नेकी से-2 लोभ…

ओम् नाम के हीरे मोती

ओम् नाम के हीरे मोती, मैं बिखराऊँ गली-गली। ले लो रे कोई प्रभु का प्यारा, शोर मचाऊँ गली-गली।। ओम् नाम के …………………… ।। प्रभु सुमिरण में मस्त बने जा-2 भक्ति सुध रस पान किये जा-2 तेरी नैया पार लगाये। मुख से बोलो ………. ।। तेरा पल-पल बीता जाये। मुख से बोलो ओम् ओम्।।

ओम कहने से तर जायेगा

ओम् कहने से तर जायेगा-2 तेरा जीवन सँवर जायेगा-2 ओम् कहने से ……… ।। बड़ी मुश्किल से नर तन मिला-2 पार भव से उतर जायेगा-2 ओम् कहने से ……… ।। अपनी झोली तो पैफला जरा-2 देने वाला है भर जायेगा-2 ओम् कहने से ……… ।। सब कहेंगे कहानी तेरी-2 काम अच्छा जो कर जायेगा-2 ओम्…

नैतिकता की सुर सरिता में

नैतिकता के सुर सरिता में जन जन- मन पावन हो                          संयममय जीवन हो… …संयममय जीवन हो अपने से अपना अनुशासन अणुव्रत की परिभाषा                                वर्ण जातिऔर संप्रदाय से मुक्त…

जिंदगी का सफ़र करने वाले मन का दिया तू जलाले

ज़िंदगी का सफर करने वाले पने मन का दीया तो जलाले  रात लंबी है गहरा अंधेरा कौन जाने कहाँ है सवेरा | तू है अंजान मंजिल का राही चलते रहना ही है काम तेरा रौशनी से डगर जगमगाले  अपने मन का दिया तू जलाले || वक्त की धार ये कह रही है कष्ट क्यों आत्मा…